2 अगस्त 2014 - 19:09

दुनियावी चीज़ों के लिए रोना

इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम ने एक फ़क़ीर को देखा जो ग़रीबी का रोना रो रहा था। इमाम ने कहा कि अगर पूरी दुनिया इसके हाथ में होती और इसके हाथ से चली जाती तब भी इस लायक़ नहीं थी कि उस पर रोया जाए।